आज का हिन्दू पंचांग
दिनांक - 18 दिसम्बर 2025
दिन - गुरूवार
विक्रम संवत 2082
शक संवत -1947
अयन - दक्षिणायन
ऋतु - हेमंत ॠतु
मास - पौष
पक्ष - कृष्ण
तिथि - चतुर्दशी 19 दिसंबर प्रातः 04:59 तक तत्पश्चात अमावस्या
नक्षत्र - अनुराधा रात्रि 08:07 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा
योग - धृति शाम 03:06 तक तत्पश्चात शूल
राहुकाल - दोपहर 01:57 से शाम 03:18 तक
सूर्योदय - 07:20
सूर्यास्त - 05:34
दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे
व्रत पर्व विवरण- मासिक शिवरात्रि
विशेष - चतुर्दशी व अमावस्या एवं व्रत के दिन तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए
19 दिसम्बर 2025 शुक्रवार को दर्श अमावस्या, पौष अमावस्या है।
घर में हर अमावस अथवा हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें । इससे नेगेटिव एनेर्जी चली जाएगी । अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।
अमावस्या
अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)
धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए
हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।
सामग्री : १. काले तिल, २. जौं, ३. चावल, ४. गाय का घी, ५. चंदन पाउडर, ६. गूगल, ७. गुड़, ८. देशी कर्पूर, गौ चंदन या कण्डा।
विधि: गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की १-१ आहुति दें।
आहुति मंत्र
१. ॐ कुल देवताभ्यो नमः
२. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः
३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः
४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः
५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः
पंडित रामगोपाल डोलियां
