मोक्षदा एकादशी
मोक्षदा एकादशी हिंदू धर्म की 24 एकादशियों में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पुण्यदायी एकादशी है। यह मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से व्यक्ति को मोक्ष प्राप्त होता है तथा पापों का नाश होता है।
इसी क्रम में, Mokshada Ekadashi 2025: 1 दिसंबर को रखा जाएगा मोक्षदा एकादशी का व्रत, इसलिए इस वर्ष भक्त विशेष रूप से इस तिथि पर भगवान विष्णु की आराधना और व्रत का पालन करेंगे।
Mokshada Ekadashi 2025: Date & Timing
Ekadashi Date: 1 December 2025
The vrat is traditionally observed during the day of Ekadashi.
Parana (breaking the fast): Next morning on Dwadashi (2 December).
मोक्षदा एकादशी का महत्व
इस एकादशी को पापमोचनी और मोक्ष प्रदान करने वाली एकादशी कहा गया है।
मान्यता है कि इस दिन व्रत, पूजा और भगवान विष्णु के नाम-जप से जाने-अनजाने सभी पापों से मुक्ति मिलती है।
यह विशेष रूप से श्रीकृष्ण और विष्णु भगवान की आराधना का दिन है।
मोक्ष की प्राप्ति और पितरों की शांति के लिए भी लोग इस एकादशी का व्रत करते हैं।
पूजा-विधि
प्रातः स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें।
भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी अर्चन और गीता पाठ का विशेष महत्व है।
पूरा दिन व्रत (निर्जला या फलाहार) रखा जाता है।
रात में जागरण और विष्णु स्तुति की जाती है।
द्वादशी को ब्राह्मण भोजन कराकर दान देने का विधान है।
कथा (संक्षेप में)
धर्मग्रंथों में वर्णित कथा के अनुसार, वैकांठपुर के राजा वैखानस के पुत्र ने अनजाने में पाप किया था और वह मृत्यु के बाद नर्क में गया। राजा ने इसकी चिंता में ऋषियों से उपाय पूछा। ऋषियों ने बताया कि मोक्षदा एकादशी का व्रत करके उसका पुण्य पुत्र को अर्पित करें। राजा ने ऐसा ही किया और उसके पुत्र को मोक्ष मिल गया। इसी कारण इस एकादशी को “मोक्ष प्रदान करने वाली” एकादशी कहा गया।
FAQ (SEO-Friendly)
1. When is Mokshada Ekadashi in 2025?
Answer: On 1 December 2025.
2. Which God is worshipped on Mokshada Ekadashi?
Answer: Lord Vishnu and Lord Krishna.
3. What is the main benefit of this Ekadashi?
Answer: It grants moksha, removes sins, and gives peace to ancestors.
