Hindu Astha

6/recent/ticker-posts

Header Ads Widget

नवलगढ़ जीणमाता जन्मोत्सव | Jeeṇmata Janmotsav | निशुल्क नेत्र शिविर



नवलगढ़। यूनाईटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन के तत्वावधान में कस्बे में बाबा रामदेव मंदिर के पास चल रही जीणमाता की कथा में शनिवार को जीणमाता का जन्मोत्सव मनाया गया। जैसे ही घांघू के महाराज गंगोसिंह चौहान के घर पर जयन्ती के रूप में जीणमाता का अवतरण हुआ वैसे ही चारों तरफ खुशी छा गई। एक दूसरे को बधाईयां बांटी गई। श्रद्धालु भाव विभोर होकर नाच उठे। मां जीण के अवतरण पर कथास्थल पर केक काटा गया। मां जीण के जन्मोत्सव में खुशी मनाने के लिए कथास्थल पर शनिवार को काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। द्वितीय दिवस की कथा सुनाते हुए शनिवार को 

कथावाचक महंत डॉ. करणीप्रताप महाराज ने कहा कि घांघू के महाराज गंगोसिंह चौहान अपने गुरू के साथ तीर्थों पर गए हुए थे। अपने गुरूवर के कहे अनुसार उन्होंने गंगा के तट पर ही जीणमाता की तपस्या करनी शुरू कर दी। उनकी तपस्या को भंग करने के लिए कई तरह के विघ्न हुए, लेकिन उन्होंने अपनी तपस्या जारी रखी। अपने भक्त गंगोसिंह की जपस्या से प्रसन्न होकर एक दिन अष्टमी की रात को देवी दुर्गा ने सिंह पर सवार होकर दर्शन दिए। देवी दुर्गा बोली भक्त गंगोसिंह मैं तेरी भक्ती से प्रसन्न हूं। मेरी मैं विभूति जयन्ती के कन्या के रूप में तेरे घर पर अवतार लूंगी। जो कलयुग में भक्तों का उद्धार करने के लिए जीणभवानी के रूप में विख्यात होगी।

जीणमाता के आशीर्वाद से महाराजा गंगोसिंह की रानी के गर्भ से हर्षभैरूनाथ के बाद जयन्ती के रूप में कन्या का अवतरण हुआ। उसके अवतरण पर चारों तरफ खुशी ही खुशी छा गई। कथावाचक ने कहा कि सकल संसार को सारा वैभव मां भगवती ही देती है। जिस पर भी उसकी कृपा हो जाए उसके यहां किसी तरह की कोई कमी नहीं रहती। मां जीण की कथा व भजन मन को शुद्ध कर देते हैं। इस मौके पर उन्होंने गुरू का महत्व बताते हुए कहा कि व्यक्ति के जीवन में गुरू का बहुत महत्व है। गुरू हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। इसलिए गुरू, संत और अपने माता पिता का हमेशा सम्मान करना चाहिए। इससे पूर्व उन्होंने कथा के शुभारंभ पर 108 मंगल नामों से देवी की अर्चना की। इस मौके पर राधेश्याम जांगिड़, अनिल जांगिड़, आशीष की ओर से प्रसाद की व्यवस्था करने पर कथावाचक ने उनका सम्मान किया। 20 अगस्त तक होने वाली कथा का समय दोपहर दो से शाम छह बजे तक है।

कथास्थल पर आज लगेगा आंखों का निशुल्क शिविर

कथावाचक डॉ. करणीप्रताप ने बताया कि रविवार को सुबह सवा आठ बजे से कथा स्थल पर आंखों का निशुल्क शिविर लगाया जाएगा। शिविर में सताक्षी होस्पिटी जयपुर की टीम सेवाएं देंगी। शिविर का अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर लाभ उठाएं।