अतुलित बलधामं हेमशैलाभदेहं। दनुज वन कृशानुं, ज्ञानिनामग्रगण्यम्।। सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं। रघुपति प्रियभक्तं वातजातं नमाम…
Read more »एक बार गंगाजी के पावन तट पर विराजमान श्री सूत-जी महाराज से शौनकादी ऋषियों ने निवेदन किया- "हमे किसी श्रेष्ट व्रत का विधान बता दे. श्री सूत-ज…
Read more »हनुमान पूर्वत: पातु दक्षिणे पवनात्मज:। पातु प्रतीच्यां रक्षोघ्न: पातु सागरपारग:॥1॥ उदीच्यामर्ूध्वत: पातु केसरीप्रियनन्दन:। अधस्ताद् व…
Read more »निश्चय प्रेम प्रतीत ते, विनय करें सनमान । तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्घ करैं हनुमान ॥ जय हनुमंत संत हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमार…
Read more »बाल समय रवि भक्ष लियो तब, तीनहुं लोक भयो अँधियारो ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो देवन आनि करी विनती तब, छांड़ि द…
Read more »|| दोहा || श्री गुरु चरन सरोज राज, निज …
Read more »हिन्दू धर्म से जुड़ी जानकारी प्रदान करने वाली हमारी वेबसाइट पर आप पायेंगे धार्मिक विचार, व्रत, तिथियाँ, और प्रमुख त्योहारों के बारे में विस्तृत जानकारी। यहां आप हिन्दू धर्म के सिद्धांतों, देवताओं, मंत्रों, पूजा विधियों और धार्मिक ग्रंथों के बारे में जान सकते हैं। इसके अलावा, हम प्रमुख हिन्दू मंदिरों की जानकारी भी उपलब्ध कराते हैं, ताकि आप अपने धार्मिक यात्रा की योजना आसानी से बना सकें। वेबसाइट पर व्रत और उपवासों के महत्व, उनके पालन की विधि और उनके लाभ के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी जाती है। "इस वेबसाइट पर प्रदान की गई ये जानकारी और मान्यताएं केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से हैं। hinduastha.com किसी भी जानकारी या मान्यता की सत्यता की पुष्टि नहीं करता। किसी भी जानकारी या सलाह को व्यवहार में लाने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।"
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