सीकर, 29 जनवरी: खाटूश्यामजी के प्रसिद्ध फाल्गुन लक्खी मेला की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। यह मेला 28 फरवरी से 11 मार्च 2025 तक आयोजित होगा। मेले की तैयारियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा और एसपी भुवन भूषण यादव ने खाटूश्यामजी में मेला मजिस्ट्रेट कार्यालय में बैठक की। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यापारियों, होटल संचालकों, और स्थानीय लोगों से सुझाव भी लिए ताकि मेले को सफल और सुगम बनाया जा सके।
नए बदलावों और व्यवस्था की जानकारी
जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने बताया कि इस वर्ष मेले में श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था और ट्रैफिक रूट में कई बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा, "मेले में सभी के लिए वीआईपी दर्शन व्यवस्था बंद रहेगी, केवल सरकारी प्रोटोकॉल वाले वीआईपी के लिए विशेष व्यवस्था होगी।" श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन के लिए क्यूआर कोड जारी किए जाएंगे, जिससे वे मंदिर परिसर तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
पार्किंग और यातायात व्यवस्थाएं
सीकर-रींगस रोड पर मंडा मोड के पास छोटे वाहनों के लिए बड़ी पार्किंग व्यवस्था की जाएगी, जहां से श्रद्धालुओं को बसों द्वारा 52 बीघा पार्किंग तक ले जाया जाएगा। वहां से सभी श्रद्धालु पैदल मंदिर जाएंगे। इसके अलावा, ई-रिक्शा चालकों के लिए अलग-अलग जोन बनाए जाएंगे, और बिना पास वाले ई-रिक्शा को सीज कर दिया जाएगा।
सुरक्षा और निगरानी
मेले में सुरक्षा और व्यवस्था के लिए सीसीटीवी मॉनिटरिंग के चार सेंटर बनाए जाएंगे। इन सेंटरों से कंट्रोल रूम सीकर और खाटू दोनों स्थानों से सीधे निगरानी की जाएगी। साथ ही, धारा-144 के तहत डीजे पर बैन रहेगा और शराब पर भी प्रतिबंध रहेगा।
स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाएं
जिला कलेक्टर ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाएं के लिए हर सेक्टर में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और अग्निशमन व एंबुलेंस के लिए इमरजेंसी रास्ते की व्यवस्था की जाएगी। धर्मशालाओं और होटल्स में प्रशासन के लिए कमरे आरक्षित किए जाएंगे, जिनकी संख्या 50 से अधिक कमरे होने पर 15% और होटल्स में 5% कमरे आरक्षित होंगे।
विशेष निर्देश
निशान की ऊंचाई 8 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। इससे अधिक ऊंचाई वाले निशान लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को मेला परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा।
भंडारे की अनुमति के समय एक निर्धारित शुल्क लिया जाएगा, जिसका उपयोग मेला समाप्ति के बाद सफाई कार्य और अन्य व्यवस्थाओं में किया जाएगा।
इस बैठक में राजपाल यादव, रतन कुमार, गजेंद्र सिंह जोधा, और अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे। अधिकारियों ने सुरक्षा, व्यवस्था और अन्य पहलुओं पर चर्चा की और सभी को उनके कार्यों में सहयोग देने की अपील की।
खाटूश्यामजी फाल्गुन लक्खी मेला श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर है, और इस वर्ष प्रशासन ने इसे और भी सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। यह मेले का आयोजन न केवल धार्मिक महत्त्व को बढ़ाता है, बल्कि क्षेत्रीय विकास और सामाजिक समरसता को भी प्रोत्साहित करता है।
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