नवलगढ़ में जीणमाता की सात दिवसीय कथा का हुआ समापन, चूनड़ महोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब नवलगढ़: यूनाईटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन के तत्वावधान में बाबा रामदेव मंदिर के पास पिछले सात दिनों से चल रही जीणमाता की पावन कथा का गुरुवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन हुआ। अंतिम दिन कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा स्थल पर दिनभर मां जीण भवानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथावाचक महंत डॉ. करणीप्रताप महाराज ने जीणमाता की कथा के प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जीवण बाई और उनके भाई हर्षनाथ की भक्ति, तपस्या और त्याग की कथा श्रद्धालुओं को सत्य, धैर्य और समर्पण का संदेश देती है। उन्होंने बताया कि भाभी के कटु वचनों से आहत होकर जीवण बाई तपस्या के लिए काजल पर्वत पर चली गईं। भाई हर्षनाथ भी बहन को मनाने पहुंचे और उसके वापस नहीं लौटने पर वहीं रहकर भगवान शिव की तपस्या करने का संकल्प लिया। दोनों की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव और माता पार्वती प्रकट हुए तथा दोनों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर जीवण बाई ने तपस्या की, वह काजल पर्वत और जहां हर्षनाथ ने तपस्या की, वह हर्ष पर्वत के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इन पावन स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। डॉ. करणीप्रताप महाराज ने कहा कि हजारों वर्षों से मां जीण भवानी के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था रही है। समाज को मजबूत बनाने के लिए जातिवाद का जहर समाप्त करना होगा। आर्थिक युग में युवाओं के लिए रोजगार और कमाई के अवसर पैदा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बाल पीढ़ी को संस्कारवान और युवा पीढ़ी को चरित्रवान बनाना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। डॉ. राजकुमार शर्मा के दूध महोत्सव की सराहना कार्यक्रम में पूर्व चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. राजकुमार शर्मा ने भी पहुंचकर मां जीण भवानी का आशीर्वाद लिया। कथावाचक महंत डॉ. करणीप्रताप महाराज ने डॉ. शर्मा की ओर से नववर्ष का स्वागत नशे के बजाय दूध के साथ करने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को संस्कार और सकारात्मक दिशा देने की यह अनुकरणीय पहल है। डॉ. राजकुमार शर्मा ने कहा कि महंत डॉ. करणीप्रताप महाराज अपनी कथा के माध्यम से न केवल देश बल्कि पूरे विश्व में जीणमाता की महिमा और आस्था की अलख जगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कथा के शुभारंभ अवसर पर निकली कलशयात्रा में हजारों माताओं-बहनों की सहभागिता नवलगढ़ की धार्मिक आस्था का प्रमाण है। इस अवसर पर कथावाचक ने डॉ. राजकुमार शर्मा और नगरपालिका के पूर्व उपाध्यक्ष कैलाश चोटिया का मां जीण भवानी का दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया। चूनड़ महोत्सव में नाचीं महिलाएं कथा के समापन अवसर पर चूनड़ महोत्सव श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्रद्धालु मां जीण भवानी के जयकारे लगाते हुए नाचते-गाते मंदिर पहुंचे और माता को चूनड़ी अर्पित की। महिलाओं को मां जीण की मेहंदी भी लगाई गई। इससे पूर्व जयपुर से आए श्रद्धालुओं ने मंगलपाठ किया। संगीतमय मंगलपाठ के दौरान श्रद्धालु भक्ति में भावविभोर होकर झूम उठे। मां जीण भवानी की मंगल आरती सविता शर्मा, बसंत सिंह शेखावत, देवेन्द्र सिंह शेखावत, सुरेन्द्र सिंह जोधा बेरी भजनगढ़, मनोज सोनी सहित श्रद्धालुओं ने की
