साजन घोड़ा ध्वज लेकर पहुंचा बाबा के दरबार, 1111 निशानों के साथ निकली निशान यात्रा
नवलगढ़। बाबा रामदेवजी के लख्खी मेले में रविवार को आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। बाबा रामदेवजी के दर्शन और ज्योत के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचे। शाम पांच बजे जैसे ही बाबा की ज्योत प्रज्वलित हुई, पूरा मंदिर परिसर बाबा रामदेवजी के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर बाबा के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।
मेले के दौरान सबसे खास आकर्षण साजन घोड़ा रहा। साजन घोड़ा ध्वज लेकर सबसे आगे बाबा रामदेवजी के दरबार में पहुंचा और बाबा रामसापीर के दरबार में धोक लगाई। साजन के मंदिर पहुंचते ही श्रद्धालुओं में उसे देखने और उसके दर्शन करने की होड़ लग गई। बड़ी संख्या में लोग साजन के आसपास एकत्र हो गए और इस धार्मिक परंपरा के साक्षी बने।
1111 निशानों के साथ निकली निशान यात्रा
इससे पहले रूप निवास कोठी से 1111 निशानों के साथ भव्य निशान यात्रा शुरू हुई। यात्रा में श्रद्धालु बाबा रामदेवजी के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। धार्मिक ध्वजों और निशानों से यात्रा का वातावरण भक्तिमय नजर आया। साजन घोड़ा ध्वज लेकर यात्रा में सबसे आगे चल रहा था।
निशान यात्रा के बाबा रामदेवजी मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। साजन के मंदिर पहुंचते ही लोगों की भीड़ उसे देखने के लिए उमड़ पड़ी। मंदिर में पहुंचकर साजन ने बाबा के दरबार में धोक लगाई। इसके बाद श्रद्धालु बाबा की ज्योत जलने के उस पल का इंतजार करने लगे।
ज्योत जलते ही गूंजे बाबा के जयकारे
शाम करीब पांच बजे बाबा की ज्योत प्रज्वलित की गई। ज्योत के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में पहले
से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। जैसे ही ज्योत जली, श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर बाबा रामदेवजी के दर्शन किए और जोरदार जयकारे लगाए। कुछ ही क्षणों में पूरा मंदिर परिसर भक्ति और श्रद्धा के वातावरण में डूब गया।
ज्योत के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती रही। मंदिर परिसर में चारों ओर बाबा रामदेवजी के जयकारे सुनाई देते रहे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बाबा के दरबार में अपनी मनोकामनाएं रखीं।
निशान यात्रा में पहली बार नवलगढ़ राज परिवार की खास मौजूदगी
इस बार के आयोजन में नवलगढ़ राज परिवार की मौजूदगी भी विशेष चर्चा में रही। देवेंद्र सिंह नवलगढ़ और उनकी बेटी जोगेश्वरी सिंह पहली बार साजन घोड़े के साथ निशान यात्रा में शामिल हुए। दोनों ने यात्रा में श्रद्धालुओं के साथ हिस्सा लिया और बाबा रामदेवजी के दरबार तक पहुंचे।
पूर्व राजपरिवार की ओर से साजन घोड़े की पूजा की परंपरा पहले से चली आ रही है। हालांकि इस बार राजपरिवार के सदस्यों का घोड़े के साथ मंदिर तक पहुंचना और बाबा की ज्योत जलने के समय भी मंदिर परिसर में मौजूद रहना आयोजन का विशेष आकर्षण रहा।
परंपरा और आस्था का दिखा संगम
बाबा रामदेवजी के लख्खी मेले में रविवार को धार्मिक आस्था के साथ वर्षों पुरानी परंपराओं की झलक भी देखने को मिली। साजन घोड़े के ध्वज के साथ निशान यात्रा, 1111 निशानों की मौजूदगी, मंदिर में धोक और शाम की ज्योत ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया।
श्रद्धालुओं के लिए साजन घोड़े का बाबा के दरबार में पहुंचना और उसके बाद ज्योत के दर्शन करना धार्मिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर रहा। देर शाम तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और बाबा रामदेवजी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
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