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Krishna Bal Leela: ‘राधा गोरी-गोरी’ भजन पर झूमे हजारों श्रद्धालु, 56 भोग की सजी भव्य झांकी

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Sikar News: स्व. महेश जी सिंधी की पावन स्मृति में आयोजित महेशम श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन कथा स्थल पर कृष्ण भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक इन्द्रेश जी महाराज ने व्यास पीठ से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान पूरा पंडाल भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।

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Krishna Bal Leela और Govardhan Leela का भावपूर्ण वर्णन

कथा के दौरान इन्द्रेश जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए उनके आध्यात्मिक और जीवनोपयोगी संदेशों को श्रद्धालुओं के सामने रखा। इसके साथ ही गोवर्धन लीला का प्रसंग सुनाया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।


इन्द्रेश जी महाराज के कथा वाचन के दौरान पंडाल में लगातार जय श्रीकृष्ण और राधे-राधे के जयकारे गूंजते रहे।

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56 Bhog की सजी मनोहारी झांकी

इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित 56 भोग की भव्य और मनोहारी झांकी सजाई गई। झांकी को देखने और भगवान के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आया।


भव्य सजावट और 56 भोग की झांकी ने कथा स्थल की आध्यात्मिक सुंदरता को और बढ़ा दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु झांकी के दर्शन के लिए पहुंचे।

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‘राधा गोरी-गोरी’ पर झूम उठे श्रद्धालु

कथा के दौरान जब इन्द्रेश जी महाराज ने ‘राधा गोरी-गोरी’ भजन प्रस्तुत किया तो माहौल पूरी तरह कृष्णमय हो गया। भजन शुरू होते ही श्रद्धालु तालियों की गूंज के बीच भक्ति में झूमने लगे।


हजारों श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नृत्य करने लगे। पूरा पंडाल ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के चेहरे पर भक्ति का उत्साह साफ दिखाई दिया।

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श्री कृष्ण ठाकुर जी महाराज का रहा विशेष सानिध्य

कार्यक्रम में इन्द्रेश जी महाराज के पूजनीय पिताजी एवं विख्यात कथा वाचक श्री कृष्ण ठाकुर जी महाराज, वृंदावन से विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने करमा बाई की कथा बड़े ही भावपूर्ण ढंग से सुनाई

।


करमा बाई की कथा सुनते समय श्रद्धालु भावुक हो गए और कई लोगों की आंखें नम हो गईं। उनके सानिध्य से आयोजन की गरिमा और बढ़ गई।

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संतों और गणमान्य अतिथियों की रही मौजूदगी

कथा में स्वामी सुमेधानंद जी सरस्वती, पूर्व सांसद सीकर, मनोहर शरण जी महाराज पलसाना, पवन जी महाराज भीमसर धाम, गोपाल दास जी महाराज, काले हनुमान मंदिर चांदी की टकसाल जयपुर, चूरू विधायक हरलाल सारण, चूरू नगर परिषद सभापति विनय गोयनका, यूरो इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक शिवराम जी, डेफोडिल स्कूल सीकर के निदेशक संजीव कुलहरि एवं कांता प्रसाद मोर सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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हजारों श्रद्धालुओं से खचाखच भरा कथा पंडाल

मीडिया प्रभारी संजय मोर ने बताया कि परसो कथा प्रातः 9 बजे होगी। कार्यक्रम में हरीश नरवानी, नरेश नरवानी, सत्य सोमानी, ओम प्रकाश गाड़ोदिया, मितेश मोदी, शिशिर मूंदड़ा, विजय झाझूका, बजरंग सराफ, योगेश गुप्ता, राकेश मोदी, कैलाश लडानिया, देवीदास केशवानी, कैलाश थदानी, कन्हैयालाल सेजवानी, दिनेश श्रीचंद थदानी, रेमदास थदानी, कन्हैया लाल मांगनानी, नरपत शेखावत, राहुल तिवाड़ी, आनन्द टांक, ओम प्रकाश कामदार, रमाकांत खंडेलवाल, मनोज लोहिया, जुगल जी हूडील, महेश बाटड़, विक्रम वाहिदपुरा, अनुभव जैन सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।


श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण कथा पंडाल में पांव रखने तक की जगह नहीं थी। कथा के दौरान भक्ति, संगीत और जयकारों से पूरा वातावरण कृष्णमय बना रहा।

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भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा माहौल

महेशम श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन लीला, 56 भोग की झांकी और ‘राधा गोरी-गोरी’ भजन ने श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में रंग दिया।


कथा स्थल पर उमड़ी भीड़ और श्रद्धालुओं का उत्साह इस धार्मिक आयोजन की भव्यता को दर्शाता रहा। पूरा वातावरण राधे-राधे और जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंजता रहा।

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