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बीकानेर। राज्य सरकार द्वारा राजस्थान के 26 जिलों में एक साथ आधुनिक कत्लखाने खोले जाने के निर्णय का विभिन्न संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। साथ ही संगठनों की मांग की अनदेखी करने पर आन्दोलन की चेतावनी भी दी गई है। राज्य सरकार ने आधुनिक कत्लखाने खोलने के लिए 29 दिसम्बर 2014 को टेन्डर जारी किए थे। ये टेण्डर 28 जनवरी को खोले जाने हैं। इसकी जानकारी मिलने के बाद भारतीय गौवंश रक्षण-संवर्धन परिषद् के बैनर तले विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी कलक्टरी पर एकत्रित हुए। सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने परिषद् के पत्र पर हस्ताक्षर कर आज राज्यपाल के नाम जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया। जिसमें कत्लखाने खोले जाने के निर्णय का विरोध करते हुए टेण्डर प्रक्रिया रद्द करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि जनभावना का ख्याल नहीं रखा गया तो सामाजिक, धार्मिक संगठन मिलकर बड़े आन्दोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे। परिषद् के जोधपुर प्रान्त के सहसंयोजक सूरजमालसिंह नीमराना ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी ने लोकसभा चुनाव से पहले अपने चुनाव प्रचार के दौरान देशभर के बूचडख़ानों को बंद करने की घोषणाएं की थी। लेकिन अब केन्द्र ही नहीं राज्य सरकार और निकाय चुनावों में बहुमत से सत्ता हासिल करने वाली भाजपा सरकार आधुनिक कत्लखाने खोलकर जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है जो अशोभनीय ही नहीं संविधान की मूल मान्यताओं के विरुद्व है। जिसका हम विरोध करेंगे। ज्ञापन देने वालों में श्रीकृष्ण गौ संवर्धन समिति, गोचर भूमि गंगाशहर, करुणा इन्टरनेशनल संस्था, बीकानेर के जतनलाल दुग्गड़, अखिल मूर्ति पूजक युवक महासंघ के राष्ट्रीय परामर्शक महेन्द्र बरडिय़ा, पंडित दीनदयाल स्मृति संस्थान के सुनील बांठिया, हिन्दू महासभा के अनूपसिंह गहलोत, जयभवानी फोर्स के वेदप्रकाश, बजरंग दल के महिपाल के अलावा प्रेरणा संस्थान, जीव जन्तु रक्षा बिश्नोई महासभा, पर्यावरण मित्र संस्थान सहित अन्य स्र्रस्थाओं के पदाधिकारी शामिल थे।

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