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चैत्र नवरात्रि 2026 में घटस्थापना का शुभ मुहूर्त – सुबह या अभिजित, कौन सा बेहतर?



     डॉ. कौशल दत्त शर्मा 

           सेवानिवृत्त प्राचार्य- संस्कृत शिक्षा 

     नीमकाथाना राजस्थान 

   9414467988

चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक पर्व है, जो माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के लिए समर्पित होता है। यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, शक्ति और नई शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि विशेष शुभ संयोग लेकर आ रही है, जिसमें पूजा-अर्चना के लिए उत्तम मुहूर्त प्राप्त हो रहे हैं।


  नवरात्रि का महत्व


चैत्र नवरात्रि का आरंभ वसंत ऋतु में होता है, जब प्रकृति में नवजीवन का संचार होता है। इस समय देवी शक्ति की आराधना करने से:


नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है

जीवन में सुख-समृद्धि आती है

मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है


 घटस्थापना (कलश स्थापना) का शुभ मुहूर्त – 2026


नवरात्रि का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान घटस्थापना (कलश स्थापना) होता है, जिसे सही मुहूर्त में करना अत्यंत आवश्यक माना गया है।


 घटस्थापन का  शुभ मुहूर्त


समय: सुबह 6:53 बजे से 10:36 बजे तक


शास्त्रों में घटस्थापन के लिए  सूर्योदय से लेकर 10 घटी तक का समय  अत्यंत शुभ माना गया है जो प्रातःकाल कहा गया  है।  दिन के तीन भाग 10-10 घटी के माने जाते है 


प्रातःकाल में ही  देवी का आह्वान, स्थापना , पूजन और समापन करना विशेष फलदायी कहा गया है। 


  यह मुहूर्त सबसे उत्तम और प्राथमिक माना जाता है।


 अभिजित  मुहूर्त (दूसरा शुभ समय)


समय: दोपहर 12:11 बजे से 12:58 बजे तक


यदि किसी कारणवश सुबह स्थापना न हो पाए, तो इस समय भी पूजन किया जा सकता है


बुधवार को छोड़कर अभिजित मुहूर्त को सभी कार्यों के लिए सिद्ध और शुभ माना गया है। 


  घटस्थापना की विधि (संक्षेप में)


पूजा स्थान को साफ करके गंगाजल से शुद्ध करें

मिट्टी में जौ बोकर कलश स्थापित करें

कलश में जल, सुपारी, सिक्का और आम के पत्ते रखें

नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर कलश पर रखें

माँ दुर्गा का आह्वान करके दीप और धूप जलाएं

  विशेष ध्यान रखने योग्य बातें

स्थापना हमेशा शुभ मुहूर्त में ही करें

राहुकाल में स्थापना से बचें

पूजा स्थान शांत और स्वच्छ होना चाहिए

पूरे नौ दिन नियम और श्रद्धा से पूजा करें


चैत्र नवरात्रि 2026 में सुबह का मुहूर्त (6:53 से 10:36) विशेष रूप से श्रेष्ठ है, जबकि अभिजित मुहूर्त (12:11 से 12:58) भी एक उत्तम विकल्प है। सही समय पर विधिपूर्वक पूजा करने से माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है।