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जयपुर में श्री शिव महापुराण कथा का भव्य समापन | पंडित प्रदीप मिश्रा के प्रवचन सुनने उमड़े लाखों श्रद्धालु

"Pandit Pradeep Mishra Shiv Mahapuran katha karte hue"

जयपुर में श्री शिव महापुराण कथा का भव्य समापन

दीपक गोधा की रिपोर्ट

जयपुर में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा का समापन 26 मार्च 2026, गुरुवार को भव्य रूप से हुआ। मानसरोवर स्थित वीटी रोड मेला ग्राउंड में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में देशभर से लाखों श्रद्धालु शामिल हुए।


यह आयोजन जयपुर परिवार सेवा ट्रस्ट के बैनर तले आयोजित किया गया, जिसमें प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपनी ओजस्वी वाणी से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।


  लाखों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

"Pandit Pradeep Mishra ji ka pravachan karte hue photo"

कथा के अंतिम दिन कार्यक्रम स्थल पूरी तरह श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। भजनों जैसे “काशी वाले ने कर दिया मालामाल” और “दुनिया में हम आए हैं तो जीना पड़ेगा” की स्वर लहरियों पर श्रद्धालु झूम उठे।


हर तरफ “हर हर महादेव” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।


  “शक्ति के बिना अधूरे हैं शिव” – पंडित प्रदीप मिश्रा


दुर्गाष्टमी के पावन अवसर पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि:

"Pandit Pradeep Mishra Sehore wale guruji"

  शिव और शक्ति एक ही तत्व हैं

  शक्ति के बिना शिव अधूरे हैं


उन्होंने शिव महापुराण के माध्यम से जीवन के गूढ़ रहस्यों को सरल भाषा में समझाया।


 नवरात्रि के विशेष उपाय बताए
"Pandit Pradeep Mishra bhagwan Shiv ki katha sunate hue"


पंडित जी ने भक्तों को कुछ सरल उपाय बताए:


शिवालय में दीपदान करें

माता रानी को कमल का फूल अर्पित करें

प्रतिदिन “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” मंत्र का जाप करें

शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं


उन्होंने बताया कि ये उपाय जीवन की समस्याओं को दूर करने में सहायक होते हैं।


 परमात्मा रूपी सहारा कभी नहीं गिरने देता

"Pandit Pradeep Mishra live katha darshan"


पंडित मिश्रा ने उदाहरण देते हुए कहा:


जैसे अंधे को छड़ी सहारा देती है, वैसे ही परमात्मा जीवन में मार्गदर्शन करते हैं।


उन्होंने श्रद्धालुओं को सच्चे मन से भगवान शिव का स्मरण करने की प्रेरणा दी।


 प्री-वेडिंग शूट पर कही बड़ी बात


पंडित प्रदीप मिश्रा ने आधुनिक प्री-वेडिंग शूट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि:


यह अनावश्यक खर्च है

विवाह दिखावे का नहीं, पवित्र बंधन है

पुराने समय में सादगी से विवाह होते थे और रिश्ते मजबूत रहते थे


उन्होंने दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और संयम बनाए रखने की सलाह दी।


 पारंपरिक जीवनशैली को अपनाने की सलाह


उन्होंने कहा कि पुराने समय में लकड़ी पर बना भोजन अधिक शुद्ध और स्वादिष्ट होता था। आधुनिक जीवनशैली में हमें अपनी परंपराओं को नहीं भूलना चाहिए।


"Pandit Pradeep Mishra Shiv Mahapuran katha karte hue"
 आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना


पंडित मिश्रा ने आयोजन की सफलता का श्रेय मुख्य व्यवस्थापकों अखिलेश अत्री और मनोज पांडे तथा उनकी टीम को दिया।


"Pandit Pradeep Mishra ji ka pravachan karte hue photo"
साथ ही पुलिस प्रशासन और सभी विभागों का भी आभार व्यक्त किया गया।


 आरती के साथ हुआ समापन


कार्यक्रम का समापन भव्य आरती के साथ हुआ, जिसमें मुख्य यजमानों और आयोजन समिति के सदस्यों ने भाग लिया।